कुंवरी किशोरी नाम सौं, उपज्यो दृढ़ विश्वास।
करूणानिधि मृदु चित अति, तातें बड़ी जिय आस॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (101)
करूणानिधि मृदु चित अति, तातें बड़ी जिय आस॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (101)
परम उदार श्री राधा के नाम का सुदृढ़ विश्वास मेरे हृदय में उत्पन्न हुआ है और उनकी करुणा एवं हृदय की कोमलता का विश्वास करके मेरे हृदय में आशा बढ़ चली है।

