राध्या सहिते देवो माधवे नैव राधिका - राधा तापनियो उपनिषद

राध्या सहिते देवो माधवे नैव राधिका - राधा तापनियो उपनिषद

" राध्या सहिते देवो माधवे नैव राधिका,
 योजनयोर्भेदं पश्यति स संसृते मुक्तयो न भवति |
 यस्तु राधा विना त ध्यायति, प्रवदति, प्रपठति स मूढ़तामोत्तम || "

- राधा तापनियो उपनिषद

श्री राधा के सहित जो श्री कृष्ण हैं वही पूर्णतम श्री कृष्ण हैं। जो इन  दोनों में भेद रखता है वो कभी संसार के आवागमन से मुक्त नहीं हो सकता। जो श्री राधा कि उपेक्षा करके माधव का सेवन/स्मरण, पठन और कथन वर्णन करता है वह मूढ़ों में भी महामूढ़ हैं।