व्यास स्वामिनि श्याम भामिनि वृन्दावनचंद उजियारी - श्री हरिराम व्यास

व्यास स्वामिनि श्याम भामिनि वृन्दावनचंद उजियारी - श्री हरिराम व्यास

"व्यास स्वामिनि श्याम भामिनि वृन्दावनचंद उजियारी ||"
- श्री हरिराम व्यास

जिसकी उपस्थिति वृन्दावन चाँद श्री कृष्ण को भी रूपवान एवं उज्व्वल बनाती हैं, वह मेरी स्वामिनी राधा हैं।