येन -केन प्रकारेण मन: कृष्णे निवेशयेत  भक्ति रसामृत सिंधु - रूप गोस्वामी

येन -केन प्रकारेण मन: कृष्णे निवेशयेत भक्ति रसामृत सिंधु - रूप गोस्वामी

तस्मात् केनाप्य् उपायेन मनः कृष्णे निवेशयेत् ॥
भक्ति रसामृत सिंधु - रूप गोस्वामी (1.2.4)

 मन को किसी भी प्रकार से श्री राधा कृष्ण में लगाओ, यही साधना है।