" नर तनु शरद चाँदनी बीते, पुनि अँधियारी रात "
- जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज
जैसे कुछ क्षणों में पूर्णिमा की रात्री व्यतीत हो जाती है, उसी प्रकार यह मानव जीवन भी कुछ क्षणों में समाप्त हो जाएगा, यदि इस मानव जीवन में हरी भक्ति नहीं की, तो जीवन समाप्त होते ही नर्क की रात्री उपस्थित है।
- जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज
जैसे कुछ क्षणों में पूर्णिमा की रात्री व्यतीत हो जाती है, उसी प्रकार यह मानव जीवन भी कुछ क्षणों में समाप्त हो जाएगा, यदि इस मानव जीवन में हरी भक्ति नहीं की, तो जीवन समाप्त होते ही नर्क की रात्री उपस्थित है।

