राधा नाम की गति न्यारी - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२०६)

राधा नाम की गति न्यारी - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२०६)

“ राधा नाम की गति न्यारी |
सपनेहुँ रसना पर आवत, होत विवस बन कुञ्ज बिहारी || ”

- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२०६)

राधा नाम कि महिमा अपरम्पार है। यदि सपने में भी कोई राधा नाम ले लेता है तो ठाकुरजी को विवश कर देता है आने पर ।