“ हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी,
किशोरी अली निवास हमारो, श्री वृन्दावन रजधानी || ”
- श्री अली किशोरी
किशोरी अली निवास हमारो, श्री वृन्दावन रजधानी || ”
- श्री अली किशोरी
हम सदा ही श्री किशोरी जी के बल के अभिमानी हैं। हमारा मन सदैव प्रिय प्रियतम के निज महल वृन्दावन में रहता है, जो कि रसिक संतों और युगल सरकार की राजधानी है।

