“ हरि मिली है वृन्दावन में,
विहरत संग देखि आलिगनयुत निविड़ निकुंज भवन में || ”
- श्री हरिराम व्यास - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (107)
विहरत संग देखि आलिगनयुत निविड़ निकुंज भवन में || ”
- श्री हरिराम व्यास - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (107)
श्री हरिराम व्यास कहते है कि वृंदावन में श्री हरि मिलते हैं। श्री वृन्दावन में युगल सरकार (श्री राधा और श्री कृष्ण) एक दूसरे को आलिंगन किये हुए निकुंज भवन में विहार करते हैं ।

