“ अरे मन चार दिना की बात,
अवसर चूकि फिरिय चौरासी, कर मींजत पछितात |
रसिकन कही कृपालु मानु गहु युगल चरन जलजात || ”
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
अरे मन! यह केवल कुछ दिनों की बात है इस शुभ अवसर को खोने पर, मानव जीवन का उचित उपयोग नहीं कर पाने का पश्चाताप करेगा , यह अवसर चूक गया तो 84 लाख योनियों में केवल दुःख ही भोगेगा, इसलिए जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं कि 'अभी भी समय है, तू रसिकों की बात सुन और युगल सरकार के चरणों में समर्पण कर दे ।
अवसर चूकि फिरिय चौरासी, कर मींजत पछितात |
रसिकन कही कृपालु मानु गहु युगल चरन जलजात || ”
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
अरे मन! यह केवल कुछ दिनों की बात है इस शुभ अवसर को खोने पर, मानव जीवन का उचित उपयोग नहीं कर पाने का पश्चाताप करेगा , यह अवसर चूक गया तो 84 लाख योनियों में केवल दुःख ही भोगेगा, इसलिए जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं कि 'अभी भी समय है, तू रसिकों की बात सुन और युगल सरकार के चरणों में समर्पण कर दे ।

