(राग देस)
राधा नाम को आराध |
साधन अन्य त्यागिके मनुवां याही को दृढ़ साध ||
मिलिहैं ललित किशोरी नागर शोभा सिंधु अगाध |
फलि हैं सकल मनोरथ ह्वै है श्रीवनवास अवाध ||
- ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (२०७)
राधा नाम को आराध |
साधन अन्य त्यागिके मनुवां याही को दृढ़ साध ||
मिलिहैं ललित किशोरी नागर शोभा सिंधु अगाध |
फलि हैं सकल मनोरथ ह्वै है श्रीवनवास अवाध ||
- ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (२०७)
हे जीवों, यदि आप वास्तव में अपना लक्ष्य शीघ्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो हर दूसरे आध्यात्मिक साधन को त्याग दें, बस हर श्वास के साथ श्री राधा का नाम जपाने पर ध्यान दें। मेरा विश्वास करो, आप जल्द ही 'श्याम सुंदर' को बिना किसी प्रयास के प्राप्त कर लोगे, जो प्रेम रस के अनंत महासागर हैं और समस्त दिव्य कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी और श्री वृंदावन धाम का नित्य वास प्राप्त होगा |

