कुँवरि किशोरी लाड़ली, करूणा निधि सुकुमारी।
वरणों वृंदा विपिन कौं, तिनके चरन सँभारि॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (10)
कृपालु किशोरी कुँवरी श्री राधा प्यारी के श्री चरणों का स्मरण करते हुए, श्री वृन्दावन एवं वृन्दावन रस का वर्णन करता हूँ।
वरणों वृंदा विपिन कौं, तिनके चरन सँभारि॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (10)
कृपालु किशोरी कुँवरी श्री राधा प्यारी के श्री चरणों का स्मरण करते हुए, श्री वृन्दावन एवं वृन्दावन रस का वर्णन करता हूँ।

