रटो रे मन! छिन छिन राधे नाम - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

रटो रे मन! छिन छिन राधे नाम - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

"रटो रे मन! छिन छिन राधे नाम ||
ब्रह्मादिक की कौन बात जेहि, रटत ब्रह्म घनश्याम |
जेहि रति महारास-रस पायो, शंकर धरी तनु बाम || "

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

ओह मेरे मन! जीवन के हर एक अनमोल क्षण का उपयोग श्री राधा के नाम को गाकर ही कर । श्री राधा का नाम न केवल ब्रह्मा आदि देवों के द्वारा नित्य लिया जाता हैं, जबकि परब्रह्म स्वयं श्री कृष्ण द्वारा भी जपा जाता है। यह श्री राधा के नाम के बल का ही चमत्कार है कि भगवान शिव गोपी तन धारण कर महारास के रस को चख सके ।