"मेरे नित्य किशोर अजन्मा, विहरत एक प्राण दो तनमाँ ||"
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (143)
श्री बिहारिन देव कहते हैं कि हमारे राधा कृष्ण का जन्म नहीं होता, और वो नित्य ही किशोर अवस्था में रहते हैं, यूँ तो वह दो तन धारी हैं, परन्तु प्राण एक ही है |
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (143)
श्री बिहारिन देव कहते हैं कि हमारे राधा कृष्ण का जन्म नहीं होता, और वो नित्य ही किशोर अवस्था में रहते हैं, यूँ तो वह दो तन धारी हैं, परन्तु प्राण एक ही है |

