वृंदावन में श्री बिहारी जी मंदिर के बहुत ही पास, अष्ट सखी मंदिर या श्री राधा रास बिहारी नाम का मन्दिर है। यह मंदिर सदियों पुराना है एवं यह मंदिर दिव्य युगल और उनकी अष्ट सखी को समर्पित है। यह मंदिर श्री राधा रानी रास बिहारी अष्ट सखी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण और श्री राधारानी के दिव्य रास लीला का घर है। यह बाँके बिहारी मंदिर के बहुत पास में स्थित है। मंदिर का हाल ही में पुन निर्माण और आधुनिकरण किया गया है। अष्ट सखियों में से ललिता और विशाखा को मुख्य सखी माना जाता है। सभी साखियों का एक ही उदेश्य है कि वे श्री राधा श्री कृष्ण की सेवा करें और अष्ट सखियाँ इस प्रकार हैं : ललिता, विशाखा, चंपकलता, चित्रा, तुंगविद्या , इंदरलेखा, रंगदेवी, सुदेवी।

अष्ट सखी मंदिर -वृंदावन
वृंदावन में श्री बिहारी जी मंदिर के बहुत ही पास, अष्ट सखी मंदिर या श्री राधा रास बिहारी नाम का मन्दिर है। यह मंदिर सदियों पुराना है एवं यह मंदिर दिव्य युगल और उनकी अष्ट सखी को समर्पित है। यह मंदिर श्री राधा रानी रास बिहारी अष्ट सखी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण और श्री राधारानी के दिव्य रास लीला का घर है। यह बाँके बिहारी मंदिर के बहुत पास में स्थित है। मंदिर का हाल ही में पुन निर्माण और आधुनिकरण किया गया है। अष्ट सखियों में से ललिता और विशाखा को मुख्य सखी माना जाता है। सभी साखियों का एक ही उदेश्य है कि वे श्री राधा श्री कृष्ण की सेवा करें और अष्ट सखियाँ इस प्रकार हैं : ललिता, विशाखा, चंपकलता, चित्रा, तुंगविद्या , इंदरलेखा, रंगदेवी, सुदेवी।
