बसिबौ वन्दाविपिन कौ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (61)

बसिबौ वन्दाविपिन कौ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (61)

बसिबौ वन्दाविपिन कौ, जिहि तिहि विधि दृढ़ होई।
नहिं चूकै ऐसौ समौ, जतन कीजिए सोई॥

- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (61)

श्री वृन्दावनवास जैसे-तैसे भी दृढ़ हो, निश्चित हो, ऐसा प्रयत्न करना चाहिए। यह अवसर बिल्कुल किसी भी हाल में खोना नहीं चाहिए।