वृन्दावनम परित्यज्यं यो अन्यत्र कुरुते गतिम् भक्तिम, मूढ़े भ्रमति संसारे, मम माया मोहिते |
- पदम् पुराण
- पदम् पुराण
जो व्यक्ति वृन्दावन धाम का त्याग करके कहीं और भजन करने जाता है, वह मूर्ख है और उसको मेरी माया निश्चित मोहित कर लेगी और संसार में ही घुमाएगी।

