प्रनय कोप बोली, कितव अपराध किये तें मेरे,
परम उदार व्यास की स्वामिनी, छाँड़ि दिए करि चेरे |
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी
श्री हरिराम व्यास जी (विशाखा अवतार) के शब्दों में श्री राधा रानी के कृपालु स्वभाव का वर्णन है। वे दीनता पूर्वक कह रहे हैं कि निन्दित आचरण, अपराध युक्त होने पर भी जो समस्त अपराधों को माफ़ करके अपनी निज सेवा प्रदान कर दें अर्थात अपनी चेरी बना लें, ऐसी केवल एकमात्र किशोरीजी ही हैं ।
परम उदार व्यास की स्वामिनी, छाँड़ि दिए करि चेरे |
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी
श्री हरिराम व्यास जी (विशाखा अवतार) के शब्दों में श्री राधा रानी के कृपालु स्वभाव का वर्णन है। वे दीनता पूर्वक कह रहे हैं कि निन्दित आचरण, अपराध युक्त होने पर भी जो समस्त अपराधों को माफ़ करके अपनी निज सेवा प्रदान कर दें अर्थात अपनी चेरी बना लें, ऐसी केवल एकमात्र किशोरीजी ही हैं ।

