“ लाल रंगीलो गाइए, ताते प्रीति रँगीली पाईऐ || ”
- श्री ध्रुव दास, बायालीस लीला, पदावली (4)
- श्री ध्रुव दास, बायालीस लीला, पदावली (4)
श्री कृष्ण की महिमा दिन और रात गाओ, यदि श्री कृष्ण प्रसन्न हो गये तो अपने आप श्री राधा में आपका प्रेम हो जायेगा क्यूंकि श्री राधारानी श्री कृष्ण के हृदय में प्रेम का मूर्तिमान स्वरुप हैं | जिस पर लाल जी प्रसन्न होते हैं उसे ही श्री राधा के चरणों तक भेजते हैं |

