"वृन्दावन रस पावें गोविन्द राधे, राधा के कृपा पात्र रसिक बतादे".
- राधा गोविन्द गीत, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
- राधा गोविन्द गीत, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज कहते हैं कि वृंदावन रस इतना दुर्लभ है कि रसिक जन भी केवल श्री राधा रानी की कृपा से प्राप्त कर पाते हैं।
प्रेम मंदिर - वृंदावन में वृंदावन का रस लेते हुए भगवान शिव का सुंदर चित्रण। लीला मैं वृंदावन भगवान शिव को ब्रज की धूल में चित्रित किया गया है। वृंदावन का रस पूरे दिव्य क्षेत्र में सर्वोच्च है। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक राधा गोविंद गीत में ऐसा ही कहा है।

