प्रीति की रीति रंगीलो ही जाने - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित चतुरसी (41)

प्रीति की रीति रंगीलो ही जाने - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित चतुरसी (41)

प्रीति की रीति रंगीलो ही जाने,
यदपि सकल लोक चूणामणि दीन अपन पो माने |

- मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित चतुरसी (41)

प्रीति की रीति तो केवल श्याम सुंदर ही जानते हैं। समस्त ब्रह्मांडों के चूड़ामणि होते हुए भी अपने को सबसे दीन मानते हैं।