तब मेरे नैंन सिरात किसोरी जब तेरे नैंन निहारौं - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी हे किशोरी राधा, मेरे नयन रस में केवल तभी विसर्जित होती हैं जब मैं आपके रसीले नयनों को निहारता हूं।