तेरी अनुकाम्पा ते, शिव गोपी बन आये - ब्रज रस माधुरी - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज

तेरी अनुकाम्पा ते, शिव गोपी बन आये - ब्रज रस माधुरी - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज

"तेरी अनुकाम्पा ते, शिव गोपी बन आये। ओह मा श्यामा तेरी, जो चरन शरण आये। "
- ब्रज रस माधुरी - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज

हे राधे, केवल आपकी कृपा से भगवान शिव वृंदावन में एक सुंदर युवा गोपी बन गए।