मोहिं स्याम कौ डर नहीं, श्यामा ! छूटत न आसा तेरी - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी

मोहिं स्याम कौ डर नहीं, श्यामा ! छूटत न आसा तेरी - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी

मोहिं स्याम कौ डर नहीं, श्यामा ! छूटत न आसा तेरी |
तुव पद पंकज पारस परसत, व्यास कहा अब खेरी ||

- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी , पूर्वार्ध (291)

हे श्री राधा आपके कमल चरणों की सेवा करना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं न तो श्री कृष्ण, सर्वोच्च भगवान और न ही किसी और से डरता हूं, मेरी समस्त आशा आपसे ही हैं ।