" तेरी कृपा ही ते कोऊ, जाने तोहिं राधारानी |
तेरी कृपा ही ते कोऊ, माने तोहिं राधारानी | "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 2 (49)
तेरी कृपा ही ते कोऊ, माने तोहिं राधारानी | "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 2 (49)
हे श्री राधे, केवल आपकी कृपा से ही कोई भाग्यशाली जीव आपको जान सकता है एवं आपकी अहैतुकी कृपा से ही कोई जीव आपकी शरण ग्रहण कर पाता है।

