चन्द्र मिटै दिनकर मिटै - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु

चन्द्र मिटै दिनकर मिटै - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु

चन्द्र मिटै दिनकर मिटै, मिटै त्रिगुण विस्तार।
पै दृढ व्रत श्री हरिवंश कौ, मिटै न नित्य विहार॥

- मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु

भले ही चन्द्रमा और सूर्य नष्ट हो जाएँ और तीनों गुणों से निर्मित इस सम्पूर्ण सृष्टि का विस्तार भी समाप्त हो जाए, परन्तु श्री हित हरिवंश महाप्रभु का यह दृढ़ निश्चय है कि श्री राधा-कृष्ण का नित्य विहार कभी मिट नहीं सकता, वह सदैव शाश्वत रहता है।