मन मोहन मन मोहनी, सहज ही स्यामल गौर।
श्री हरिप्रिया रसिक जन कौ धन, जोरि युगल किशोर॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सेवा सुख (24)
श्री हरिप्रिया रसिक जन कौ धन, जोरि युगल किशोर॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सेवा सुख (24)
सदैव आनंदमयी दिव्य युगल—श्री राधा का सुन्दर मुख और श्रीकृष्ण का नीला रंग—वृन्दावन के रसिक संतों के मन को मोह लेता है। यही आकर्षण ही रसिक संतों का खजाना है।

