नारायण हरि प्रीती में - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (136)

नारायण हरि प्रीती में - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (136)

नारायण हरि प्रीती में, यह पांचो न सुहात।
विषय भोग निद्रा हँसी, जगत प्रीती बहुबात॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (136)

श्री नारायण स्वामी जी के अनुसार पांच बातें ईश्वर प्राप्ति में बाधक बताई गयी हैं — इंद्रियों के विषयों का भोग, अधिक निद्रा, हँसी-मजाक, संसार के प्रति मोह और बहुत अधिक बातें करना।