जय राधे जय सब सुख साधा - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (22)

जय राधे जय सब सुख साधा - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (22)

जय राधे जय सब सुख साधा जय जय कमल नैन बस करनी |
जय स्यामा जय सब सुख धामा जय जय मन मोहन मन हरनी | |
जय गोरी जय नित्य किसोरी जय जय भागनी भरी सुभामिनी |
जय नागरि जय सुजस उजागरि जय जय श्रीहरिप्रिया जय स्वामिनी | |

- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (22)

नित्य किशोरी वाम, सुख धाम स्वरूप उन राधारानी की सदा जय हो जो अपनी प्रेम माधुरी से अपने प्यारे कमल नैन को अपने वश में करे रखती हैं। सब सुखो की सिद्धि स्वरूपा, कमल नयन लाल जू को वश में करने वाली श्रीराधा - रानी की सदा जय हो सब सुखों की धाम स्वरूपा मन मोहन लाल के मन को हरन करने वाली श्रीश्यामाजू की सदा जय हो। नित्य किशोरी सब प्रकार के भाग्यों से भरी हुई सौभाग्यवती श्रीगौरांगीजू की सदा जय हो। नित्य नागरी जिनका सुयश यश प्रकाशमान है एवं श्री हरिप्रिया सखी की स्वामिनी की सदा जय हो।