लाल लड़ायें लाडियें, ललना सौं करि लाड़।
श्री बिहारिनि दास संसार के, और सकल सुख छाड़॥
- श्री बिहारिन देव, बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (378)
संसार के समस्त सुखों को भलीभाँति त्यागकर एकमात्र स्वामिनी जू और उनके प्राण-जीवन लाडिले लाल जू को लाड़ लड़ाओ।

