श्री वृन्दावन में मंजुल मरिबौ - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (190)

श्री वृन्दावन में मंजुल मरिबौ - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (190)

श्री वृन्दावन में मंजुल मरिबौ |
जीवन मुक्त सबै ब्रज वासी, पद रज सौं हित करिबौ ||

- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (190)

श्री वृन्दावन धाम में मृत्यु भी मनोहर है। समस्त ब्रजवासी जीवन मुक्त हैं एवं श्री राधा रानी के कृपा पात्र हैं, उनकी पद रज भी जीव का कल्याण करती है, इसलिए रज से प्रेम करो।