अनुपम वृन्दावन की शोभा,
जाके देखन मात्र हृदय में, उठत प्रेम की गोभा ||
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथवाली
वृन्दावन धाम की शोभा अत्यंत अनुपम है जिसका दर्शन करने मात्र से ही हृदय में प्रेम का अंकुर पैदा हो जाता है |
जाके देखन मात्र हृदय में, उठत प्रेम की गोभा ||
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथवाली
वृन्दावन धाम की शोभा अत्यंत अनुपम है जिसका दर्शन करने मात्र से ही हृदय में प्रेम का अंकुर पैदा हो जाता है |

