अहो लड़ैती प्राण प्यारी श्रीवन कबै बसावोगी - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (८३)

अहो लड़ैती प्राण प्यारी श्रीवन कबै बसावोगी - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (८३)

अहो लड़ैती प्राण प्यारी श्रीवन कबै बसावोगी,
रसिकराय प्रीतम संग राधे मधुरी तान सुनावोगी ||
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (८३)

अहो प्राण प्यारी श्री राधे कब आप मुझे अपने निज धाम वृन्दावन में बसाएंगी और कब आप प्रियतम श्री श्याम सुन्दर के संग मधुर तान सुनाएंगी?