परनिंदा के किये तें - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (20)

परनिंदा के किये तें - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (20)

परनिंदा के किये तें, आवत नहिं कछु हाथ।
मूरख परवत पाप कौ, लै चल्यौ अपने साथ॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (20)

परनिंदा से किसी के हाथ कुछ नहीं लगता। हे महामूर्ख! तू व्यर्थ ही पाप का पहाड़ अपने साथ लिए जा रहा है।