" वृन्दावन धाम का तो गोविन्द राधे,
चराचर प्रेम में ही मग्न है बतादे | "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5932)
चराचर प्रेम में ही मग्न है बतादे | "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5932)
श्री वृन्दावन धाम के चर और अचर जीव तो केवल प्रेम में ही मग्न हैं |

