लालन तेरे ही आधीन,
सुन री सखी हौं साँच कहति हौं तू जल है यह मीन ||
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी (20)
हे श्री राधा, श्री कृष्ण हर क्षण आपके आधीन रहते हैं | श्री विट्ठल विपुल देव जी कहते हैं, "सखी मैं सत्य कहती हूँ, तुम जल के समान हो और श्री कृष्ण मछली के समान हैं | जल से अलग होकर मछली कभी भी नहीं रह सकती, जल उसका प्राण है | "
सुन री सखी हौं साँच कहति हौं तू जल है यह मीन ||
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विठ्ठल विपुल देव जू की वाणी (20)
हे श्री राधा, श्री कृष्ण हर क्षण आपके आधीन रहते हैं | श्री विट्ठल विपुल देव जी कहते हैं, "सखी मैं सत्य कहती हूँ, तुम जल के समान हो और श्री कृष्ण मछली के समान हैं | जल से अलग होकर मछली कभी भी नहीं रह सकती, जल उसका प्राण है | "

