नारायण तब जानिये  - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (177)

नारायण तब जानिये - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (177)

नारायण तब जानिये, लगन लगी या काल।
 जित तित में दृष्टी परै, दीखैं मोहनलाल॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (177)

श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि सच्ची लगन तभी जानिए, जब हर व्यक्ति, वस्तु एवं जहाँ-जहाँ भी दृष्टि पड़े, वहाँ केवल मोहन लाल ही दिखें।