हमारी दंपति संपति केलि - श्री भगवत रसिक, भगवत रसिक की वाणी, अनन्यरसिकभरण ग्रंथ 12 (5)

हमारी दंपति संपति केलि - श्री भगवत रसिक, भगवत रसिक की वाणी, अनन्यरसिकभरण ग्रंथ 12 (5)

हमारी दंपति संपति केलि।
- श्री भगवत रसिक, भगवत रसिक की वाणी, अनन्यरसिकभरण ग्रंथ 12 (5)

श्री भगवत रसिक जी कहते हैं कि प्रिया प्रियतम की केलि लीला ही हमारी सम्पति है।