मंडित जमुना वारि यौं, राजति परम रसाल।
अति सुदेस सोभित मनौं, नील मनिन की माल॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (19)
श्री धाम वृन्दावन में रसमयी नीलकान्ति-युक्त यमुना ऐसी शोभित हैं, जैसे वृन्दावन ने नील-मणियों की माला धारण कर रखी हो।
अति सुदेस सोभित मनौं, नील मनिन की माल॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (19)
श्री धाम वृन्दावन में रसमयी नीलकान्ति-युक्त यमुना ऐसी शोभित हैं, जैसे वृन्दावन ने नील-मणियों की माला धारण कर रखी हो।

