प्रसाद बिहारिनि रानी को,
अति आनंद बड़े छिन ही छिन महाप्रेम सुखदानी को।
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त के पद (६३)
प्रसाद बिहारिनि रानी श्री राधारानी का अत्यंत आनंद एवं रस को हर क्षण बढ़ाने वाला है, एवं महाप्रेम सुखदेने वाला है। मेरे जीवन का प्राण श्री राधारानी का प्रसाद (झूठन) है।
अति आनंद बड़े छिन ही छिन महाप्रेम सुखदानी को।
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त के पद (६३)
प्रसाद बिहारिनि रानी श्री राधारानी का अत्यंत आनंद एवं रस को हर क्षण बढ़ाने वाला है, एवं महाप्रेम सुखदेने वाला है। मेरे जीवन का प्राण श्री राधारानी का प्रसाद (झूठन) है।

