जो कोउ श्री राधा जस गावे - श्री किशोरी अलि, किशोरी अलि ग्रंथावली

जो कोउ श्री राधा जस गावे - श्री किशोरी अलि, किशोरी अलि ग्रंथावली

जो कोउ श्री राधा जस गावे।
अति आसक्त रूप रस लोभी, श्याम तहाँ चली आवे।
राधा नाम उपासक को हरि आपनु दास कहावे।।

- श्री किशोरी अलि, किशोरी अलि ग्रंथावली


श्री किशोरी अलि जी कहते है, 'श्री राधा' की महिमा अंतहीन है। जो जीव श्री राधा नाम को ह्रदय से पुकारता है तो श्रीकृष्ण, जो श्री राधा नाम के अति लोभी है वहाँ दौड़ करके आते है। श्री राधा नाम के उपासक को श्री कृष्ण अपनी दासता प्रदान कर देते है।