"या रस को साधन नहीं कोई, कुंवरि कृपा ते जो कछु होइ"
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला
नित्य विहार रुपी दुर्लभ रस को प्राप्त करने का कोई और साधन नहीं, एक मात्र कुंवरी श्री राधा की कृपा से ही सुलभ है ।
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला
नित्य विहार रुपी दुर्लभ रस को प्राप्त करने का कोई और साधन नहीं, एक मात्र कुंवरी श्री राधा की कृपा से ही सुलभ है ।

