नारायण तौ का भयो - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (72)

नारायण तौ का भयो - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (72)

नारायण तौ का भयो, पाये नैन विशाल।
नैन वही जिन में बसें, श्रीराधा गोपाल॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (72)

श्री नारायण स्वामी कहते हैं कि यदि किसी ने विशाल और आकर्षक नेत्र पा भी लिए, तो उससे क्या लाभ? वे नेत्र तो केवल तभी सार्थक हैं, जब उनमें श्री राधा और श्री गोपाल की दिव्य छवि निरंतर बसी रहे। बिना युगल सरकार के दर्शन और उनके प्रति अनन्य अनुराग के, ये भौतिक नेत्र सर्वथा निष्फल और अर्थहीन हैं।