गौर रूप रस ऐसा गोविन्द राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6150)

गौर रूप रस ऐसा गोविन्द राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6150)

गौर रूप रस ऐसा गोविन्द राधे,
श्याम रूप रस को भी बौना बना दे।

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (6150)

गौररुपी श्री राधारानी का रस ऐसा है कि श्याम रुपी श्री कृष्ण का रस भी उसके आगे एकदम फीका है।