जीवन मरत श्री वृन्दावन शरनै - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (289)

जीवन मरत श्री वृन्दावन शरनै - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (289)

जीवन मरत श्री वृन्दावन शरनै,
सुनहुँ सुचित ह्वै (श्री) राधामोहन, यह विनती मन धरनै॥

- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (289)

हे मेरे प्रियतम श्यामा श्याम ध्यानपूर्वक आप मेरी विनती सुनिए: "मुझपर ऐसी कृपा कीजिये कि जीवन मरण मैं केवल श्री वृन्दावन धाम की शरण में ही रहूँ ।"