जै जै कुँजबिहारिनि प्यारी,
जै जै ललित मोहिनी धनि धनि सुखदायक सिरमौर हमारी।
-श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61)
श्री ललितमोहिनी देव जी कहते हैं, "श्री कुंजबिहारिनी प्यारी श्री राधा की जय हो जय हो । कुंजबिहारिनी जी, जो रसिको की सिरमौर है, उनकी कृपा पाकर मै धन्य हो गया हूँ ।
जै जै ललित मोहिनी धनि धनि सुखदायक सिरमौर हमारी।
-श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61)
श्री ललितमोहिनी देव जी कहते हैं, "श्री कुंजबिहारिनी प्यारी श्री राधा की जय हो जय हो । कुंजबिहारिनी जी, जो रसिको की सिरमौर है, उनकी कृपा पाकर मै धन्य हो गया हूँ ।

