जब ते प्रीति श्याम से कीन्ही - श्री सूरदास, सूर सागर

जब ते प्रीति श्याम से कीन्ही - श्री सूरदास, सूर सागर

जब ते प्रीति श्याम से कीन्ही,
ता दिन तैं मेरें इन नैननि, नैकुहुँ नींद न लीन्ही।

- श्री सूरदास, सूर सागर

जब से मैंने श्याम सुन्दर से प्रीति की है, उस दिन से अब तक एक क्षण को भी मेरे इन नैनों ने नींद नहीं ली।