श्री स्वामी हरिदास को - श्री ललित किशोरी देव जी की बानी, सिद्धान्त की साखी (89)

श्री स्वामी हरिदास को - श्री ललित किशोरी देव जी की बानी, सिद्धान्त की साखी (89)

श्री स्वामी हरिदास को, जो कोउ निज करि होय।
रहे प्रिया के सुख सुखी, सहज अपनपो खोय॥

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जी की बानी, सिद्धान्त की साखी (89)

श्री ललित किशोरी देव जी कहते हैं— “जिसने श्री स्वामी हरिदास जी महाराज को अपना जीवन समर्पित कर दिया है, वह अपने देह की सुध-बुध भूल जाता है और श्री प्रिया जू (श्री राधा) के सुख में ही सुखी रहता है।”