व्यास भलौ अवसर मिलौ, यह तन गुरु मुख पाई।
फिर पाछैं पछिताइगौ, चौरासी में जाइ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (138)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं— “श्री ठाकुर जी ने यह अमूल्य मनुष्य-जीवन दिया है; इसे व्यर्थ नष्ट न करो। श्री सद्गुरु की शरण में इस जीवन को समर्पित कर दो, अन्यथा वही चौरासी लाख योनियों में आवागमन बना रहेगा।”
फिर पाछैं पछिताइगौ, चौरासी में जाइ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (138)
श्री हरिराम व्यास जी कहते हैं— “श्री ठाकुर जी ने यह अमूल्य मनुष्य-जीवन दिया है; इसे व्यर्थ नष्ट न करो। श्री सद्गुरु की शरण में इस जीवन को समर्पित कर दो, अन्यथा वही चौरासी लाख योनियों में आवागमन बना रहेगा।”

