जै जै कुंजबिहारिनी प्यारी - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61)

जै जै कुंजबिहारिनी प्यारी - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61)

जै जै कुंजबिहारिनी प्यारी,
जै जै कुंजमहल सुखदाई जै जै लालन कुंजबिहारी।
जै जै वृंदावन रस सागर जै जै जमुना सिन्धु सुखकारी।
जै जै ललितमोहिनी धनि धनि सुखदायक सिरमौर हमारी।

- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, रस के पद (61)

श्री कुंजबिहारिनी,प्यारी जू, श्री राधा जी की जय हो जय हो ।
जो कुंजमहल में केलि लीला का सुख देने वाली है, उन बिहारिन जी की जय हो जय हो। श्री कुंजबिहारी लाल जो कुंजबिहारिनी के सदैव अंग संग रहते है उनकी जय हो जय हो । 
वृन्दावन में जो प्रेम रस बह रहा है उसकी जय हो जय हो । श्री यमुना महारानी जो सुखसागर रूप है उनकी जय हो जय हो। 
परम सुखदायक श्री कुंजबिहारिनी जी जो रसिकों की सिरमौर है उनको पाकर श्री ललितमोहिनी देव जी धन्य हो रहे है।