कुंज बिहारिनि लाडिली - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (269)

कुंज बिहारिनि लाडिली - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (269)

कुंज बिहारिनि लाडिली, जाकौ अपनो कीन।
ताकौ कर छाँडे नहीं, महा सु रसिक प्रवीन॥

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (269)

परम प्रवीण रसिक-शिरोमणि साक्षात् श्री नित्य-विहारिणी लाड़िली जिसे अपना बना लेती हैं, उसका हाथ वह कभी नहीं छोड़तीं।